बुधवार, 4 अगस्त 2010

कहाँ तिशनगी के नजारें मिलेंगे


बह्र मुतकारिब मुसम्मन् सालिम (१२२ १२२ १२२ १२२)


कहाँ तिशनगी* के नज़ारे मिलेंगे,
नदी के किनारे किनारे मिलेंगे.

नहीं खाएंगे लाठियां सच की खातिर,
फकत खोखले तुमको नारे मिलेंगे.

समंदर के जैसा हुआ शहर अपना,
यहाँ लोग भी तुमको खारे मिलेंगे.

सफर, मंजिलें सब नए मिल भी जाएँ,
कहाँ हमसफर इतने प्यारे मिलेंगे.

दिलों पर पड़ी गर्द जब भी हटेगी,
यहाँ नाम लिक्खे हमारे मिलेंगे.

ये तिनके ही हैं जो निभाएंगे तुमसे,
इन्हीं के तुम्हें कल सहारे मिलेंगे.

कभी रात छत पर बिता कर तो देखो,
कई टूटते तुमको तारे मिलेंगे.

*तिशनगी = प्यास

14 टिप्‍पणियां:

  1. कभी रात छत पर बिता कर तो देखो,
    कई टूटते तुमको तारे मिलेंगे.

    -बहुत खूब, राजीव. उम्दा गज़ल निकाली. बधाई.

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  2. समंदर के जैसा हुआ शहर अपना,
    यहाँ लोग भी तुमको खारे मिलेंगे.

    वाह .....बहुत खूब ......!!

    शे'र बिलकुल नया सा लगा .....!!

    सफर, मंजिलें सब नए मिल भी जाएँ,
    कहाँ हमसफर इतने प्यारे मिलेंगे.

    जी सही कहा हमसफ़र अगर अज़ीज़ हों तो उनका को i सनी नहीं ......

    इस खूबसूरत ग़ज़ल की आपको बहुत बहुत बधाई .....!!

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  3. उनकी गली में यूँ जाना न छिप के,
    वहाँ राज़ इतराये सारे मिलेंगे।

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  4. नहीं खाएंगे लाठियां सच की खातिर,
    फकत खोखले तुमको नारे मिलेंगे.

    ये पंक्तियां बहुत बदिया हैं.

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  5. कभी रात छत पर बिता कर तो देखो,
    कई टूटते तुमको तारे मिलेंगे.
    PANKTIYA BHUT ACHCHHI LGEE BADHAI

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  6. खूबसूरत ग़ज़ल। क्या खूब कहा है राजीव भाई विशेषकर यह शेर...
    कभी रात छत पर बिता कर तो देखो,
    कई टूटते तुमको तारे मिलेंगे.

    सुनीता शानू

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  7. समंदर के जैसा हुआ शहर अपना,
    यहाँ लोग भी तुमको खारे मिलेंगे.

    दिलों पर पड़ी गर्द जब भी हटेगी,
    यहाँ नाम लिक्खे हमारे मिलेंगे.
    वाह बहुत उमदा गज़ल है बधाई। क्या वापिस अमेरिका पहुँच गये?
    आशीर्वाद।

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  8. राजीव

    अपना ईमेल भेजना...sameer.lal AT gmail.com पर

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  9. दिलों पर पड़ी गर्द जब भी हटेगी,
    यहाँ नाम लिक्खे हमारे मिलेंगे....

    Kya khoob gazal hai .... dil cheer gayee ...

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  10. दिलों पर पड़ी गर्द जब भी हटेगी,
    यहाँ नाम लिक्खे हमारे मिलेंगे....

    क्या बात है !

    ये तिनके ही हैं जो निभाएंगे तुमसे,
    इन्हीं के तुम्हें कल सहारे मिलेंगे.
    बहुत ख़ूब!

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